राहे मोहब्बत में मंजिल की तलाश ना कर
Love Hindi poetry
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राहे मोहब्बत में मंजिल की तलाश ना कर Love Hindi poetry
राहे मोहब्बत में,
मंजिल की तलाश ना कर
दिल टूट जाये तेरा,
इतना भी एतियात ना कर
दर्द कहीं नासूर बन ना जाये तेरा
ऐसी कोई करामत ना कर
उलझनों में उलझ के फँस जाए तू
ऐसा कोई भी ऐतबार ना कर
दिल में जो जल रहा है,
किसी की चाहत का दिया
उस दिए की खातिर,
अपने दिन को भी रात ना कर
सबब कुछ तो होगा तेरी
तिश्नगी का शायद
दमे आखिर तक,
बला ए इश्क को एहसास ना कर
अपनी मंजिल का तसब्बुर,
कर अपने दिल में
अपनी मंजिल का पता,
जाबजा ना कर
दमे आखिर- आखिरी दम
बला ए इश्क- प्रेम का दुःख
जाबजा- जगह जगह
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